Essay on holi. Write an Essay on Holi Festival 2019-03-01

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Essay on Holi Festival in English for School Kids & Students

essay on holi

The first day is called as Holika Dahan हॊलिका दहन and the next day is the day when people play Holi with colours or the ash from the Holi Dahan rare nowadays and called as Dhulivandan. He wanted to punish his son for chanting the name of Vishnu. Hindus rejoice over the victory of Prahlad. Lath Mar Holi of Barsana As per legend, Lord Krishna of Nandgaon visited Radha and her friends in Barsana and playfully teased them. As per Gregorian calendar if falls between the month of February and March. Lord Shiva forgives Kamadeva and restores him back. For, Holika tried to kill Hiranyakashyap's son Prahlad, an ardent devotee of Lord Naarayana.

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Essay on Holi In Hindi Language

essay on holi

In the next morning of the Holika Dahan, people celebrate a colourful Holi by getting together at one place and on the roads. Whether girls or boys or women or man everybody having enjoying in own way, there is no discrimination of cast or poor and rich, when you are celebrating then you can put color whomever you want. But still there are many things to worry about that on this day some people drink whiskey and play nasty things which are forbidden, some people gamble or some of take drugs on the name of festival. Taking up Prahlad, she entered a bonfire. Holi » Holi Festival » Rituals of Holi Rituals of Holi Rituals of the ancient festival of Holi are religiously followed every year with care and enthusiasm. This must be discouraged by all, as it only leads to spoiling the fun and frolic associated with this lively festival. इस पवित्र दिन पर किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई द्वेष नहीं होना चाहिए। यह वास्तव में खुशी का दिन है ग्रामीण क्षेत्रों में उत्सव अधिक उच्छृंखल हो जाता है लोग इस दिन एक-दूसरे को गले लगाते हैं Essay on Holi in Hindi — होली पर निबंध 300 Words होली वसन्त ऋतु का पर्व है। यह सर्दी के अन्त में फाल्गुन की पूर्णिमा को मार्च मास में आता है। इन दिनों गेहूं, चने और अन्य फसलों में दाने आ जाते हैं। किसान अपनी फसल को लहलहाते देख मुग्ध हो उठता है। वसन्त का सौन्दर्य वैसे भी जीवन में उत्साह भर देता है। इस उत्साह में हम सब मिलकर उत्सव मनायें, इसी के लिए यह होली का त्यौहार आता है। यह त्यौहार दो दिन तक मनाया जाता है। पहले दिन होली जलाई जाती है। उसका सम्बन्ध भक्त प्रह्लाद की बुआ से बताया जाता है। कहते हैं कि प्रह्लाद को जलाने की इच्छा वाली होलिका स्वयं जल कर समाप्त हो गई परन्तु भक्त प्रह्लाद का बाल भी बाँका न हुआ। भगवान् अपने भक्तों की संकटों में रक्षा करते हैं, यही इस कहानी का सार है। होलक कच्चे अन्न को कहा जाता है। प्राचीन काल में यज्ञ करके इस अन्न को आग पर भून कर सब लोग मिलकर खाया करते थे। इस दृष्टि से यह प्रेम का पर्व है। आज भी यह परम्परा चल रही है। अगले दिन रंगों से होली खेली जाती है। रूठों को भी मनाया जाता है। केसू, गुलाल, पानी के रंग सभी से होली खेली जाती है। परन्तु कई लोग गन्दगी फेंक कर या न चाहने वालों के कपड़ों को रंग कर लड़ाई-झगड़ा मोल लेते हैं। कुछ लोग इस दिन भी शराब पीकर गन्दे काम करते हैं। इस प्रकार होली का यह पवित्र पर्व लड़ाई-झगड़े और बुराइयों का कारण बन जाता है। हमें चाहिए कि होली को पवित्रता से खेला जाये; केवल उन्हीं लोगों के साथ, जो खेलना चाहें। तभी यह प्रेम-प्रीति को बढ़ा सकता है। हँसी-खुशी के इस त्यौहार पर मनमुटाव पैदा नहीं करना चाहिए। हमें एकता के साथ इस होली के त्योहार मनाना चाहिए। Essay on Holi in Hindi — होली पर निबंध 400 words भारत त्योहारों का देश है। प्रत्येक त्योहार अपने में कुछ न कुछ विशेषता अवश्य रखता है। प्रत्येक त्योहार अपने अन्दर कोई न कोई ऐतिहासिक घटना लिए हुए है। इसी तरह होली का त्योहार भी धार्मिक और ऐतिहासिक है। यह एक ऋतु सम्बन्धी त्योहार भी माना जाता है क्योंकि बसन्त के बाद यह त्योहार आता है। कुछ लोग कहते हैं कि यह त्योहार प्रह्लाद की याद में मनाया जाता है। प्रह्लाद भगवान् विष्णु का सच्चा भक्त था और उसका पिता हिरण्यकश्यप उसे । भगवान का नाम लेने से रोकता था। वह बड़ा दुष्ट और निर्दय था। प्रह्लाद की फुफी का नाम होलिका था। उसके पास एक चादर थी, जिसे ओढ़ लेने पर अग्नि उसे जला नहीं सकती थी। उसने अपने भाई हिरण्यकश्यप से । कहा कि प्रह्लाद को लेकर अग्नि में बैठ जांऊगी। प्रह्लाद जल जाएगा, न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी। लेकिन जिसकी रक्षा ईश्वर करता है, उसे कोई नहीं मार सकता। होलिका प्रह्लाद को गोद में लेकर बैठ गई। प्रह्लाद बच गया और उसकी फूफी जल गई। सच है कि भक्तों की विजय पताका गगन से भी ऊँची कहलाती है। यह त्योहार कृष्ण और उस की गोपियों की रंगरलियों के कारण भी विशेष प्रसिद्ध है। यह आनन्द और मंगल का और बिछड़े या रूठे हुए भाइयों को गले लगाने का भी त्योहार है। यह उत्सव ग्रामों और नगरों में बड़े उत्साह से मनाया जाता है । इस दिन रंग गुलाल चलता है। चार बजे तक रंग एक दूसरे पर फेंका जाता है देखा गया है कि कभी अनजान आदमी होली खेलने के लिए निकले हुए। व्यक्तियों के चुगंल में फंस जाता है तो वे उसकी बुरी तरह गत बनाते हैं। उसे लाल-पीला किए बिना नहीं छोड़ते, भले ही व्यक्ति किसी आवश्यक काम के लिए ही क्यों न जा रहा हो । कई बार तो लड़ाई झगड़े तक की नौबत भी आ जाती है। उत्सव मनाने का लक्ष्य, समाज से दुश्मनी की भावना को निकालना है। यदि उत्सवों से दुश्मनी पैदा हो तो उत्सव मनाने का लक्ष्य नष्ट हो जाता है। इसलिए होली खेलने वालों को चाहिए कि व्यक्ति पर रंग न डालें जो बुरा माने। आज भारत स्वतन्त्र है, इसलिए राष्ट्रीय त्योहार के रूप में इसे मनाना चाहिए। दुश्मनी भुलाकर प्रेम के रंग में सबको रंग डालना चाहिए। वस्त्रों के साथ पवित्र प्रेम से हृदय भी रंग दिया जाए तो इस त्योहार को मनाना सफल होगा। Essay on Holi in Hindi — होली पर निबंध 500 Words होली का त्योहार रंगों के उत्सव के रूप में जाना जाता है। होली फगुन के महीने में आता है। इसका अर्थ है कि होली फरवरी और मार्च के महीनों के बीच गिरता है इस त्योहार की उत्पत्ति एक प्राचीन पौराणिक कहानी में है। एक बार प्रहलाद नाम के एक युवा राजकुमार थे। वह दानव राजा हिरणकश्यप के पुत्र थे। प्रहलाद भगवान विष्णु के एक महान भक्त थे। उनके को यह पसंद नहीं था। इसलिए उसने अपनी बहन होलिका से पूछा कि बच्चा को मारना है। होलिका को वरदान के साथ आशीर्वाद दिया गया था। उसे जलाना नहीं था। इसलिए वह प्रहलाद के साथ अपनी गोद में आग में बैठ गई आग में होलिका को आग लग गई, जबकि प्रहलाद बच गए थे। प्रहलाद के सुरक्षित भागने के सम्मान में त्योहार मनाया जाता है। होली फसल के मौसम की शुरुआत में गिरती है इसलिए कॉर्न के नए कान आग में भुनाए जाते हैं और परिवार और दोस्तों के बीच प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। इस त्यौहार से एक रात पहले, एक बड़ा जलाया जाता है। महिलाओं को मिठाई और अन्य प्रार्थना सामग्री आग में पेश करती है लोग तब एक स्वस्थ और परेशानी मुक्त वर्ष के लिए प्रार्थना करते हैं। होली के दिन, लोग आग के संबंध में इस आग की राख को अपने माथे पर धुंधला करते हैं और फिर घर से घूमते हुए एक-दूसरे पर रंग लेते हैं। बच्चे विशेष रूप से इस उत्सव का आनंद लेते हैं। वे मजाक खेलते हैं और एक दूसरे पर रंगीन पानी डालते हैं। महिलाएं गोएंजीस तैयार करती हैं, एक प्यारी मिठाई से परिष्कृत आटा और चीनी, और अन्य नमकीन व्यंजन। मीठा पेय में भांग, एक प्रकार का पौधे पेस्ट, मिश्रण करने के लिए एक अनुष्ठान भी है। इसे पीने से लोग प्रसन्न हो जाते हैं। वहाँ नृत्य और गायन के बहुत सारे हैं इस रंगीन त्योहार का गहरा साइड यह है कि बहुत से लोगों ने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए मज़ाक लगाया। बच्चे सड़क के किनारों पर और वाहनों पर पानी के गुब्बारे भी फेंक देते हैं। इस टोपी में अक्सर हर साल कई दुर्घटनाएं होती हैं इसके अलावा लोग -केमिकल्स, पेंट और मैला का उपयोग करते हैं। एक दूसरे पर फिसलना, जिससे कई लोगों के लिए त्वचा और आंखों की बीमारियों का कारण बनता है कभी-कभी स्थायी दृष्टि हानि भी देखी गई है। यह सच है कि होली हालांकि खुशी का एक त्योहार के रूप में शुरू हुआ टाई वर्षों से अधिक एक त्योहार है जो कि ज्यादातर लोगों के लिए तत्पर नहीं दिखता है। तो आइए हम इस बात की प्रतिज्ञा करें कि जब हम अगले साल होली खेलेंगे तो हम उन सभी गंदा व्यवहारों से बचेंगे जो इसके साथ जुड़ा हुआ हैं। Essay on Holi in Hindi — होली पर निबंध 600 Words भारतवर्ष की धरती पर समय — समय पर अनेक त्योहार आकर जन — जीवन में आनन्द, स्फूर्ति एवं उल्लास का संचार कर देते है। इन त्योहारों में भारतीय संस्कृति की झाँकी भी देखने को मिलती है। , होली, , आदि हिंदुओं के प्रमुख त्योयार हैं। इनमें होली का अपना रंग ही निराला है। यह रंगों का ऐसा त्योहार है जिसमें उल्लास एवं उमंग का संगम है। प्रत्येक त्योहार के साथ कोई — न — कोई एतिहासिक या पोराणिक घटना जुड़ी होती है। होली के साथ भी ऐसी ही कहानी प्रचलित है। कहते हैं कि प्राचीन काल मैं दैत्यराज हरणिक्श्य्पू ने अपने राज्य में सभी को ईश्वर का नाम ना लेने की चेतावनी दे रखी थी क्योंकि वह स्वयं नास्तिक था। इसने तपस्या करके ब्रहमा से ऐसा अनोखा वरदान पा लिया था जिसे पाकर वह स्वयं को अमर समझने लगा था। उसकी प्रजा तो भय के कारण सार्वजनिक रूप से ईश्वर का नाम नहीं ले सकती थी, परन्तु उसी का पुत्र प्रहलाद ईश्वर भक्त था। प्रहलाद ने अपने पिता की आज्ञा मानने से इनकार कर दिया। हरणिक्श्य्पू ने प्रहलाद को समझाने — बुझाने का बहुत प्रयत्न किया, परन्तु वह अपनी ईश्वर — भक्ति से विमुख नहीं हुआ। हरणिक्श्य्पू ने अपनेपुत्र को अनेक प्रकार के उतायों से मारने का प्रयास भी किया परन्तु ईश्वर की कृपा से वह सफल नहीं हो पाया। हरणिक्श्य्पू की बहन होलिका को वरदान था कि वह आग में नहीं जल सकती। वह प्रहलाद को लेकर लकड़ियों के ढेर पर बैठ गई। ढेर में आग लगा दी गई। ईश्वर की कृपा से होलिका जल गई और प्रहलाद बच गया। उसी दिन की याद में आज भी होलिका — दहन किया जाता है। कुछ लोग मानते हैं कि इस दिन भगवान कृष्ण ने पूतना नामक राक्षसी का वध किया था। कृषि — प्रधान देश भारत में तो होली का और भी महत्व है। इस समय किसानों की फ़सलें पकी होती हैं तथा इन फ़सलों से लहलहाते खेतों को देखकर कृषक अनंदिक होते है। होली के साथ ही शरद ऋतु विदा हो जाती है और ग्रीष्म ऋतु का आगमन हो जाता है। होली का त्योहार फाल्गुन मास की शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन संध्या के समय होली — दहन होता है। बसंत पंचमी के दिन से ही लड़कियों का ढेर एकत्रित करना प्रारम्भ कर दिया जाता है जिसमें इज़ दिन आग लगाई जाती है। लोग अग्नि के चारों और परिक्रमा करते हैं, नाचते- गाते हैं, आपस में गले मिलते हैं तथा नये अनाज की बालों को भूलकर एक — दूसरे को सद्भाव एवं मित्रता के प्रतीक के रूप में वितरित करते हैं। होलिका — दहन से अगला दिन दुल्हैंडि या फाग का होता है। इस दिन प्रात: काल से दोपहर तक बच्चे- बूढ़े, युवक- युवतियाँ सभी रंग खेलते हैं। चारों ओर रंग तथा गुलाल उड़ता दिखाई पड़ता है। कहीं बच्चे पिचकारी मार रहे हैं तो कहीं ग़ुब्बारे, कहीं युवक एक — दूसरे के गालों पर गुलाल लगाकर मस्ती में नाच रहे हैं, तो कहीं युवतीयों की टोली ढोलक- मजीरे बजाती हुई नाचती दिखाई दे रही है। गलीयों, बाज़ारों तथा सड़कों पर जिधर देखिय मस्ती, अल्लास एवं आनन्द का सागर हिलोरें मारना हूया दिखाई पड़ता है। लोग धर्म, जाति, सम्प्रदाय, वर्ण आदि के भेदभावों को भुलाकर एक- दूसरे के गले मिलते हैं। इस दिन ऊँच- नीच, अमीर- ग़रीब, शिक्षित- अशिक्षित आदि का प्रार्थ्क्र्य मिट जाता है। प्रेम, एकता एवं सोहार्द ही होली के प्राण हैं। ब्रज की होली तो अत्यन्त प्रसिद्ध है। कुछ लोग इस दिन की पवित्रता को शराब, भाँग आदि पीकर अपवित्र करते हैं। वे गुलाल आदि की जगह तेल के रंग, तारकोल, कीचड़, गोबर आदि का प्रयोग करते हैं और अभद्र प्रदर्शन करते हैं जिससे अनेक बार हर्ष विषाद में बदल जाता है तथा होली के पुनीत आदर्शो पर चोट लगती है। हमारे कर्तव्य है कि हम ऐसे कुकृत्यों से दूर रहें तथा हर्षोल्लास, एकता एवं मिलन के इस पावन पर्व को प्रेमपूर्वक मनायें। हम आशा करते हैं कि आप इस निबंध Essay on Holi In Hindi — होली पर निबंध को पसंद करेंगे। More Articles: report this ad Filed Under:.

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Essay on Holi for School Children, Students and Teachers

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There are many kind of Holi is popular in different parts of India like Lathmar Holi which is celebrated in Uttar Pradesh, in Barsana, Phool or Holi, Khadi Holi in Uttarakhand, Basant Utsav in West Bengal, Shigmo in Goa, Yaoshang in Manipur, Manjal Kuli in Kerala, Phaguwa in Bihar, Phakuwah in Assam, and Rang Panchami in Maharashtra etc. People go out, sprinkle colours on one another and in dulge in merry-making. Holi Essay 7 500 words Holi is very famous festival of the colours celebrated every year in the month of Phalgun by the people of India with big joy. In the evening people perform Holika Dahan. Holika was died in the fire and Prahlad was saved. They make coloured water and throw it on the passers-by People go to the houses of their friends and relations.

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Essay On Holi

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Historians also believe that Holi was celebrated by all Aryans but more so in the Eastern part of India. There is great teaching in this celebration. It must be noted that while the origins of Holi are tied to the death of Holika in another period and marked by the burning of the symbolic bonfire, the festival of colours dates back to the time of Lord Krishna, who was the reincarnation of Lord Vishnu. Kids of the house enjoy this day by throwing colour filled balloons to each other or using pitchakri. Kamadevas shoots an arrow at Lord Shiva which wakes him up from meditation.

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Essay on Holi in Hindi

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Holi can be described as one of the most common festivals among Indians. Getting such power he became very arrogant and ordered everyone including his own son to worship him instead of God as he is a real God. He was booned by the Lord Brahma that he cannot be killed by any man or animal, neither any ashtra or sashtra, neither inside the home or outside and neither in the day or night. It is also celebrated in Nepal and other regions of world where significant population of Hindu or people of Indian origin are found. People must understand that this festival is celebrated to bring people together to be happy.


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Holi

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The colours that people play with may cause the pollution of water bodies once they get swept away. People purchase liquid colours or powdered colours prior to the festivity which they will apply on the face and other body parts of their friends and families. Controversies on Holi in India People buy synthetic colors from the market which tends to contain harmful chemicals. Holi Essay 5 300 words Holi is a most favourite festival of all as it brings lots of joy and happiness. There was a demon king called Hiranyakashipu who was granted special powers by Lord Brahma. It is a public holiday when all the banks, schools, colleges, offices and other institutions are closed.

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Essay on Holi Festival in English for School Kids & Students

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As the nightfall, people gather at one particular place and set fire to a huge pile of collected sticks and straws. On the festival night a huge fire is made. His faith made his father angry. Heaps of wood, dung, thorns and other things are collected and burnt. Many are also drenched in coloured water. Short Essay, Speech on Holi Festival in English 15 Sentences Holi is an Indian spring festival celebrated in the whole of India with great energy and enthusiasm. People sing, dance, beat drums and blow whistles as they go in a noisy procession through the streets.

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Essay on Holi In Hindi Language

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People wait for this festival very eagerly and enjoy by playing with colours and eating delicious foods. Malpractices Associated with Holi While Holi remains a popular festival and is celebrated by all ages, there are some rather negative practices that have come to be a part of the celebrations. They sing, dance, eat and enjoy the festival. It has a religious origin. They distribute sweets and enjoy to the fullest. It s a festival of immense joy This is one of the most interesting and im portant festivals of the Hindus.


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Write a 450 words essay on Holi festival

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After some time she suddenly started laughing and did not stopped even after repeated attempts to stop her from doing so. They use Abir and Gulal. A day before colourful holi, people burn a heap of woods and co-dung cakes in the night in the myth of burning Holika to remember that day. It is a festival of the Hindus. Essay on Holi in Hindi Essay on Holi in Hindi : जानते हैं होली खेलने की शुरुवात कितने सालो पहले हुई थी? Like Holi, we should celebrate the good times with different hues of life.

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Essay on Holi In Hindi Language

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The evil king became furious and thought of killing his own son. People sprinkle real colours or colored powder means gulal to each other and break all the barriers of discrimination between them. There is greater need to spread such message in today time where , crime is rampant. Holi used to be a catalyst in harmony. She kept cribbing for about half an hour. People dance in groups and traditional drums are also played.

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